कल्लूराम न्यूज. इन
बिलासपुर….नगर निगम के वार्ड नंबर 52 लिंगियाडीह में निगम प्रशासन की मनमानी के खिलाफ यहां के नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। तोड़ फोड की कार्रवाई से प्रभावित 113 परिवार की महिलाए और आम नागरिक पिछले कई दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं पर नाकारा और निकम्मे निगम प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है।बेलतरा विधायक का क्षेत्र होने के बावजूद यहां से कांग्रेस के पार्षद को जिताना वार्ड के नागरिकों के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा है। बदले की राजनीति करते हुए सत्ताधारी पार्टी के नेता और विधायक वार्ड की गरीब एवं लाचार जनता का आशियाना ही तोडने पर आमादा हैं। मध्यप्रदेश के जमाने में कांग्रेस शासनकाल में यहां के लोगों से पट्टा देने के एवज में पैसे भी लिए गए थे। जिसकी रसीद आज भी कुछ लोगों के पास सुरक्षित है। सत्ताधारी दल के लोगों ने हैवानियत की हद पार करते हुए वार्ड पार्षद के घर को भी नहीं छोडा है। पार्षद दिलीप पाटिल के मकान के सामने के हिस्से को भी जमींदोज कर दिया गया है। बहरहाल वार्ड के नागरिक किसी भी हाल में अपना घर छोडने को तैयार नहीं है। पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर की गई है। जिसपर हाईकोर्ट ने निगम प्रशासन से जवाब मांगा है। सबसे बडा सवाल यह उठता है की क्या 113 परिवारों का बसा बसाया घर उजाडकर व्यवसायिक काम्प्लेक्स और गार्डन बनाना इतना जरूरी है। आम जनता का साफ कहना है की क्षेत्र के भाजपा विधायक के चहेते लोगों और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सारी कवायद चल रही है। जिसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भाजपा और उसके विधायक को भुगतना पडेगा। अभी भी समय रहते यहां के गरीब और निर्दोष नागरिकों को यथावत रहने दिया जाए तो शहर के इस इलाके को आंदोलन मुक्त बनाया जा सकता है अन्यथा हालात बेकाबू होने पर सारी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी ।
