कल्लूराम न्यूज. इन
बिलासपुर…..
0- सरकारी जमीन को प्राइवेट बताकर बेचने का आरोप, मुख्य द्वार पर अटल आवास के रास्ते से बढ़ा तनाव
0- करोड़ों खर्च करने के बाद भी सुविधाओं को तरस रहे लोग, बिल्डर के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू
बिलासपुर. शहर के अशोक नगर स्थित पॉश कॉलोनी ‘ड्रीम इंपीरिया’ इन दिनों भारी हंगामे और आक्रोश का केंद्र बनी हुई है। कॉलोनी के रहवासियों ने बिल्डर पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मामला कॉलोनी की निजी जमीन को सरकारी जमीन के साथ मिलाकर बेचने और अब अटल आवास के निवासियों को कॉलोनी के मुख्य द्वार से रास्ता देने का बताया जा रहा है। रहवासियों का कहना है कि बिल्डर ने उन्हें गुमराह कर करोड़ों रुपये वसूले, लेकिन अब उनकी सुरक्षा और निजता दांव पर लग गई है।
अशोक नगर की सबसे महंगी कॉलोनियों में शुमार ड्रीम इंपीरिया के रहवासियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्हें पता चला कि जिस जमीन को वे अपनी निजी संपत्ति मान रहे थे, उसमें से एक बड़ा हिस्सा सरकारी है। आरोप है कि बिल्डर ने इस सरकारी जमीन को प्राइवेट बताकर लोगों को अपने घर का सपना दिखाते हुए ऊंचे दामों पर प्लॉट और मकान बेच दिए। अब प्रशासन के निर्देश पर पास ही स्थित अटल आवास के लिए कॉलोनी के मुख्य द्वार से रास्ता दिया जा रहा है, जिसका कॉलोनी वासी पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब उन्होंने मकान खरीदा था, तब बिल्डर ने इसे एक गेटेड कम्युनिटी और सुरक्षित कॉलोनी बताया था। अब मुख्य द्वार से सार्वजनिक रास्ता दिए जाने के कारण कॉलोनी की सुरक्षा और शांति भंग होने का खतरा पैदा हो गया है। रहवासियों ने बिल्डर पर आरोप लगाया है कि उसने ले-आउट प्लान में छेड़छाड़ की और सरकारी जमीन को अपनी मिल्कियत बताकर ग्राहकों के साथ खुली धोखाधड़ी की। बिल्डर की इस जालसाजी के खिलाफ पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने जमकर नारेबाजी की और मांग की है कि जब तक इस मामले की उच्चस्तरीय जांच नहीं होती और रास्ता बंद नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जिला प्रशासन और रेरा से भी अपील की है कि बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और रहवासियों को न्याय दिलाया जाए। इस विवाद के कारण कॉलोनी में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस बल को भी तैनात करना पड़ा है।
सुरक्षा और निजता पर संकट, रहवासी बोले- धोखा हुआ
रहवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवन भर की कमाई लगाकर इस पॉश कालोनी में घर लिया था ताकि उन्हें सुरक्षा और बेहतर वातावरण मिले। लेकिन बिल्डर ने अवैध लाभ के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा दिखाया। अब सार्वजनिक रास्ता खुलने से कॉलोनी में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासन की चुप्पी और बिल्डर की मनमानी
आंदोलनकारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग और अधिकारी बिल्डर पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। बिल्डर की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि वह रहवासियों की शिकायतों को नजरअंदाज कर रहा है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
